पटना जंक्शन पर पुलिस बनकर बदमाशों ने एक सोना कारोबारी से 22 लाख 50 हजार रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया है। यह घटना 29 दिसंबर की है, लेकिन मामले का खुलासा अब हुआ है। पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने इस संबंध में जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
धीरज कुमार के अनुसार, उन्होंने अपने साले दीपक कुमार, उम्र करीब 25 वर्ष, को वैशाली से पटना के बाकरगंज स्थित राज टंच के मालिक संतोष देवकर के पास चांदी के गहने देने के लिए भेजा था। गहने सौंपने के बाद दीपक एक बैग में 22 लाख 50 हजार रुपये लेकर पटना जंक्शन पहुंचा था।
इसी दौरान वर्दी में मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और शाम का समय होने का हवाला देते हुए बैग की जांच की बात कही। वह दीपक को पहले प्लेटफॉर्म नंबर एक से प्लेटफॉर्म नंबर छह पर ले गया और फिर प्लेटफॉर्म नंबर सात पर खड़ी एक ट्रेन की खाली बोगी में ले गया।
वहां पहले से मौजूद एक अन्य बदमाश, जिसने हवाई चप्पल और चीटर पहना हुआ था, दोनों ने मिलकर दीपक को डरा-धमकाकर बैग की तलाशी ली और उसमें रखी पूरी 22 लाख 50 हजार रुपये की नकद राशि लूट ली। इसके बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए।
घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद जीआरपी केवल प्राथमिकी दर्ज करने तक ही सीमित रही है। अब तक न तो आरोपियों की पहचान हो पाई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। जबकि पटना जंक्शन के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और आरपीएफ व जीआरपी की लगातार पेट्रोलिंग का दावा किया जाता है।
इस घटना ने पटना जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं, तो आम यात्रियों की सुरक्षा कितनी सुरक्षित है?