मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, 19 हजार रुपये लेते निगरानी विभाग ने दबोचा

बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शनिवार को मुजफ्फरपुर में तैनात जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, 19 हजार रुपये लेते निगरानी विभाग ने दबोचा
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 03, 2026, 3:24:00 PM

बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शनिवार को मुजफ्फरपुर में तैनात जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को शहर के चर्च रोड स्थित उनके निजी आवास से पकड़ा गया, जहां वह 19 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे।

सुधीर कुमार वर्तमान में जिला कृषि पदाधिकारी के साथ-साथ परियोजना निदेशक एवं सहायक निदेशक, तिरहुत प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। निगरानी विभाग के अनुसार, यह मामला कृषि विभाग के एक निविदा कर्मी संतोष कुमार की री-जॉइनिंग और सेवा विस्तार से जुड़ा हुआ है।

पीड़ित संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी अधिकारी ने उसकी नौकरी को आगे बढ़ाने और दोबारा जॉइनिंग के बदले कुल दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। आर्थिक रूप से कमजोर संतोष कुमार ने किसी तरह अपनी नौकरी बचाने के लिए पैसों का इंतजाम किया। उसने 5 दिसंबर को पहली किस्त के रूप में 1 लाख 81 हजार रुपये सुधीर कुमार को दिए थे। यह रकम उसने बैंक से लोन लेकर, पत्नी के गहने गिरवी रखकर और अपनी गाड़ी बेचकर जुटाई थी।

इसके बावजूद आरोपी अधिकारी शेष 19 हजार रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। परेशान होकर संतोष कुमार ने निगरानी विभाग से शिकायत की, जिसके बाद जाल बिछाया गया और शनिवार को आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। साथ ही उनके आवास की तलाशी ली जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का पता लगाया जा सके। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को पटना ले जाया गया है, जहां उन्हें विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।