मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही एक्शन में सम्राट चौधरी, सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों को दिया निर्देश

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही एक्शन में सम्राट चौधरी, सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों को दिया निर्देश

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही एक्शन में सम्राट चौधरी, सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों को दिया निर्देश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 15, 2026, 12:44:00 PM

बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार निर्णय लेने और उसे लागू करने में तेजी दिखाएगी। राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने औपचारिकताओं में समय गंवाए बिना सीधे सचिवालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया और प्रशासनिक गतिविधियों को सक्रिय कर दिया।

मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता शासन व्यवस्था को गति देना रही। इसी क्रम में उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में लंबित योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया कि सरकार का फोकस आम लोगों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान पर रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने लक्ष्य पूरे करने होंगे। विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता सूची में रखा गया।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही, सरकारी सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी और स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में देरी हो रही है, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नई योजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने का निर्देश भी दिया, ताकि राज्य में विकास की गति बनी रहे।

समग्र रूप से देखा जाए तो सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही जिस तरह से प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय किया है, उससे संकेत मिलता है कि उनकी सरकार शुरुआत से ही परिणामोन्मुखी कामकाज पर जोर दे रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन निर्देशों का प्रभाव जमीनी स्तर पर किस हद तक दिखाई देता है और राज्य की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ती है।