बिहार में नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी के पदभार संभालते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर कामकाज की जिम्मेदारी संभाल ली, वहीं विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार के गठन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपने संदेश में ‘Elected’ और ‘Selected’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इशारा किया कि सत्ता परिवर्तन राजनीतिक समीकरणों का परिणाम है, न कि जनता की सीधी पसंद का।
अपने बयान में तेजस्वी यादव ने राज्य में लंबे समय से सत्ता में रही एनडीए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों से अधिक समय के शासन के बावजूद बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था और गरीबी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं कर सका है। उन्होंने नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों का हवाला देते हुए सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
हालांकि आलोचनात्मक रुख अपनाने के साथ-साथ उन्होंने नए मुख्यमंत्री के प्रति कुछ उम्मीदें भी जताईं। तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी को राज्य के विकास, शांति और आर्थिक मजबूती के लिए ठोस और स्वतंत्र निर्णय लेने चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने ‘बिहारियों के स्वाभिमान’ का मुद्दा उठाते हुए संकेत दिया कि राज्य के हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को बाहरी प्रभावों से मुक्त रहकर फैसले लेने चाहिए, ताकि प्रदेश के लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हो सके।