निशांत कुमार की एंट्री पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले– नेताओं के बच्चों को राजसिंहासन, जनता के बच्चों को बेरोजगारी

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की बिहार की राजनीति में इंट्री हो चुकी है. इस पर जनसुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने तीखा कटाक्ष किया है.

निशांत कुमार की एंट्री पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले– नेताओं के बच्चों को राजसिंहासन, जनता के बच्चों को बेरोजगारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Mar 10, 2026, 11:32:00 AM

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। जनसुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर तीखा कटाक्ष किया है। हालांकि उन्होंने शुरुआत में निशांत कुमार को राजनीति में आने की शुभकामनाएं भी दीं, लेकिन इसके साथ ही वंशवाद की राजनीति पर सवाल भी खड़े किए।

कैमूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देता हूं। लेकिन यह हम सबके लिए सोचने का विषय जरूर है कि नेता अपने बच्चों के लिए किस तरह भविष्य सुरक्षित कर लेते हैं, जबकि आम जनता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अब भी संघर्ष कर रही है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि नेताओं ने अपने बच्चों के लिए तो राज सिंहासन की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन जनता के बच्चों के लिए क्या व्यवस्था है? आज बिहार के लाखों युवा अशिक्षा, बेरोजगारी और पलायन की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता चाहे युवा हों या बुजुर्ग, स्वस्थ हों या अस्वस्थ, उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता रहती है और वे किसी भी हाल में उनकी व्यवस्था कर लेते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नीतीश कुमार पूरी जिंदगी वंशवाद की राजनीति का विरोध करते रहे, आज उनके ही बेटे राजनीति में आ रहे हैं। जेडीयू उनकी पार्टी है और उन्होंने अपने बेटे के लिए सियासी जमीन तैयार कर दी है।

प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर आप लोगों ने भी अपने बच्चों के भविष्य की चिंता की होती, तो आज बिहार के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों की फैक्ट्रियों में बिहार के युवाओं की मौत की खबरें आती रहती हैं, जो बेहद दुखद है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि यही बिहार की दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण है—नेता का बेटा राज करेगा और आम लोगों के बेटे पलायन और संघर्ष की जिंदगी जीते रहेंगे।