बिहार में BPSC TRE-4 को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। शिक्षक अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और उनकी मांग है कि सरकार एक लाख से अधिक पदों पर बहाली निकाले। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग फिलहाल सिर्फ 44 हजार पदों पर भर्ती की बात कह रहा है। इसी वजह से अभ्यर्थियों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, जब बीपीएससी ने अपना नया परीक्षा कैलेंडर जारी किया तो उसमें TRE-4 भर्ती का कोई जिक्र नहीं था। इसके बाद अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और ज्यादा बढ़ गया। कई जगहों पर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन भी किया और सरकार से जल्द से जल्द बड़ी बहाली निकालने की मांग की।
इसी बीच आज पटना में आयोजित बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच है कि बिहार में शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाया जाए, ताकि छात्रों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत राज्य के कई शैक्षणिक संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, रिसर्च और गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना था कि अगर बिहार को उन्नत बनाना है तो सबसे पहले शिक्षा को उन्नत बनाना जरूरी है।
हालांकि, जब मीडियाकर्मियों ने उनसे BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर सवाल पूछा तो शिक्षा मंत्री ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सवाल सुनते ही उन्होंने चुप्पी साध ली और बिना प्रतिक्रिया दिए वहां से निकल गए।
अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर TRE-4 को लेकर सरकार की अगली रणनीति क्या होगी और अभ्यर्थियों की मांगों पर कब तक फैसला लिया जाएगा। फिलहाल अभ्यर्थियों का विरोध जारी है और वे जल्द बड़ी बहाली की उम्मीद लगाए बैठे हैं।