बिहार में डिप्टी CM पर फैसला तय, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव होंगे शपथग्रही

बिहार में डिप्टी CM पर फैसला तय, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव होंगे शपथग्रही

बिहार में डिप्टी CM पर फैसला तय, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव होंगे शपथग्रही
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 15, 2026, 9:31:00 AM

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहां सरकार के शीर्ष ढांचे से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, राज्य में उपमुख्यमंत्री पद के लिए दो नेताओं के नाम पर सहमति बन चुकी है और औपचारिक घोषणा जल्द होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन दोनों नामों पर काफी समय से मंथन चल रहा था, जिसके बाद अब अंतिम निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह चयन सरकार के भीतर संतुलन बनाए रखने और विभिन्न राजनीतिक समीकरणों को साधने के उद्देश्य से किया गया है।

राजनीतिक जानकार इसे एक सोचा-समझा कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाया है, जिनके पास शासन का अनुभव भी है और संगठन पर मजबूत पकड़ भी। इससे सरकार के कामकाज में निरंतरता और प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

शपथ ग्रहण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। संभावना है कि राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल दोनों नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस अवसर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रह सकते हैं, जबकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

विजय कुमार चौधरी को प्रशासनिक अनुभव और संयमित नेतृत्व शैली के लिए जाना जाता है। उन्होंने अतीत में कई महत्वपूर्ण विभागों का संचालन किया है और सरकार के भीतर उनकी छवि एक भरोसेमंद नेता की रही है। वहीं विजेंद्र कुमार यादव भी लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रभाव के लिए पहचाने जाते हैं। उनका चयन सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अहम माना जा रहा है।

इन नामों पर मुहर लगने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्ष भी इस फैसले पर नजर बनाए हुए है और अपनी प्रतिक्रिया देने की तैयारी में है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि यह निर्णय विकास और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

नई सरकार के गठन के बाद उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्तियां प्रशासनिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों नेता अपनी नई जिम्मेदारियों को किस तरह निभाते हैं और राज्य की राजनीति में किस प्रकार के नए समीकरण उभरते हैं। फिलहाल, सबकी नजरें आगामी शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।