NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा एक्शन, RCC क्लासेस के संस्थापक को CBI ने किया गिरफ्तार

NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा एक्शन, RCC क्लासेस के संस्थापक को CBI ने किया गिरफ्तार

NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा एक्शन, RCC क्लासेस के संस्थापक को CBI ने किया गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 18, 2026, 2:43:00 PM

नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर स्थित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी अब उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत दिल्ली की अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार या पूछताछ के दायरे में आए कुछ लोगों से मिली जानकारी के बाद मोटेगांवकर का नाम जांच में प्रमुखता से सामने आया। विशेष रूप से पी.वी. कुलकर्णी से पूछताछ के दौरान ऐसे संकेत मिले, जिनके आधार पर सीबीआई ने लातूर पहुंचकर कार्रवाई तेज कर दी। एजेंसी की टीम ने मोटेगांवकर से लंबी पूछताछ की, जिसके बाद पुणे में भी उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए।

जांच के दौरान एक अहम पहलू यह सामने आया कि RCC क्लासेस द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के कई प्रश्न कथित तौर पर वास्तविक NEET परीक्षा में भी पूछे गए थे। 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद छात्रों से लिए गए फीडबैक और इंटरव्यू में यह दावा किया गया कि अभ्यास परीक्षा के अनेक सवाल अंतिम परीक्षा से मेल खाते थे। इसी दावे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

बताया जा रहा है कि कोचिंग संस्थान और उसके संचालक तब विवादों में आए, जब यह आरोप लगा कि दर्जनों प्रश्न लगभग समान थे। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब एक अभिभावक ने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कोचिंग संस्थान से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर उनकी विस्तृत जांच शुरू की।

सीबीआई की जांच फिलहाल पुणे और लातूर समेत कई स्थानों पर केंद्रित है। एजेंसी ने कुछ डॉक्टरों और छात्रों को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल सीबीआई अलग-अलग तकनीकी और मानव स्रोतों के जरिए पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।