लोकभवन में बाल साहित्य पर शोधग्रंथ का लोकार्पण, राज्यपाल ने की सराहना

लोकभवन में बाल साहित्य पर शोधग्रंथ का लोकार्पण, राज्यपाल ने की सराहना

लोकभवन में बाल साहित्य पर शोधग्रंथ का लोकार्पण, राज्यपाल ने की सराहना
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 21, 2026, 6:08:00 PM

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘हिंदी शिशुकाव्य की प्रवृत्तियाँ’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक की विषयवस्तु और शोध दृष्टि के बारे में जानकारी ली तथा इसके लेखक डॉ. अमन कुमार को इस महत्वपूर्ण अकादमिक कृति के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

लेखक डॉ. अमन कुमार ने बताया कि शिशुओं के सर्वांगीण विकास में साहित्य की, विशेष रूप से कविता की, अत्यंत प्रभावी भूमिका होती है। शिशु काव्य बच्चों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने के साथ-साथ उनमें नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समझ के बीज भी बोता है।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शिशुओं में कम्युनिकेशन सिस्टम के विकास को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जिसमें कविता को शिक्षा का सशक्त माध्यम माना गया है। शोध पर आधारित इस कृति में विस्तार से यह विवेचना की गई है कि दो से छह वर्ष की आयु के बच्चों के मानसिक विकास और सामाजिक संवाद क्षमता को मजबूत करने में शिशुओं के लिए लिखी गई कविताएँ किस प्रकार सहायक होती हैं। लेखक के अनुसार, शिशुकाव्य पर केंद्रित यह संभवतः अपनी तरह का पहला व्यापक शोध है।

डॉ. अमन कुमार ने यह भी बताया कि वे जनसंचार के विद्यार्थी रहे हैं और वर्षों से शिशु काव्य के माध्यम से बच्चों से संवाद स्थापित करने तथा उनमें सकारात्मक मूल्यों के विकास को लेकर उनकी विशेष रुचि रही है। यही रुचि और दीर्घकालीन शोध इस पुस्तक के रूप में सामने आया है। वर्तमान में वे दूरदर्शन झारखंड में चैनल ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं।

पुस्तक विमोचन समारोह में दूरदर्शन झारखंड के कार्यक्रम प्रमुख अमित कुमार, गोविंद कुमार झा सहित दूरदर्शन और आकाशवाणी के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिशासी सुधीर कुमार, सुशील कुमार, पूर्णिमा कुमारी, ब्रजेश कुमार, सुबास कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने भी लेखक को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दीं।