सेवानिवृत्ति से पहले डीजीपी नियुक्ति पर केंद्र ने जताई आपत्ति, राज्य सरकार से मांगा जवाब

सेवानिवृत्ति से पहले डीजीपी नियुक्ति पर केंद्र ने जताई आपत्ति, राज्य सरकार से मांगा जवाब

सेवानिवृत्ति से पहले डीजीपी नियुक्ति पर केंद्र ने जताई आपत्ति, राज्य सरकार से मांगा जवाब
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 22, 2026, 1:15:00 PM

झारखंड में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनाए जाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। मंत्रालय ने राज्य सरकार को लिखे पत्र में न केवल इस नियुक्ति को नियमों के विरुद्ध बताया है, बल्कि बीते कुछ वर्षों में की गई तीन डीजीपी नियुक्तियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि तदाशा मिश्रा को 31 दिसंबर 2025 से सेवानिवृत्त माना जाए। हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय को लेकर 13 जनवरी को केंद्र और राज्य सरकार के बीच आधिकारिक पत्राचार हुआ, जिसमें डीजीपी पद पर की गई यह नियुक्ति संवैधानिक और प्रशासनिक मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

मंत्रालय इससे पहले भी अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाए जाने के निर्णय पर आपत्ति जता चुका है। इस पूरे मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 7 जनवरी को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को पत्र लिखकर घटनाक्रम से अवगत कराया था।

पत्र में उल्लेख किया गया कि 6 नवंबर 2025 को अनुराग गुप्ता के डीजीपी पद से इस्तीफा देने के बाद तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी और पुलिस बलों का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया, जबकि उनकी सेवा अवधि उस समय केवल दो महीने शेष थी। इसके बावजूद, सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले नियमों को नजरअंदाज करते हुए उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी बना दिया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को भी निर्धारित प्रक्रिया के खिलाफ बताया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की आपत्तियों के बाद झारखंड में डीजीपी नियुक्तियों की वैधानिकता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।