बोकारो जिले में तेतुलिया मौजा की वन भूमि की कथित अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजवीर कंस्ट्रक्शन से जुड़े कारोबारी विमल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई का दायरा पहले से ही बढ़ता जा रहा था और कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। विमल अग्रवाल की गिरफ्तारी इसी कड़ी में की गई है। बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से वे गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे थे।
सीआईडी पहले ही इस मामले में इजहार हुसैन, अख्तर हुसैन और राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच में सामने आया है कि तेतुलिया मौजा की वन भूमि को अवैध तरीके से खरीदने-बेचने के आरोप में कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तेतुलिया मौजा की वन भूमि को लेकर सामने आए इस मामले ने इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है और अब जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।