रामगढ़ जिले के सुकरीगढ़ा गांव में बुधवार देर रात सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए। शांतिपूर्ण तरीके से निकला जुलूस कुछ ही देर में हिंसक झड़प में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मूर्ति विसर्जन के समय पुलिस ने जुलूस को अनुशासित ढंग से तालाब तक ले जाने और डीजे बंद कर शांतिपूर्वक विसर्जन करने की अपील की थी। हालांकि, कुछ लोगों ने पुलिस निर्देशों की अनदेखी की, जिसके बाद तनाव बढ़ता चला गया। इसी बीच असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।
इस हमले में रजरप्पा थाना के कॉन्स्टेबल फूलचंद महतो गंभीर रूप से जख्मी हो गए, उनके सिर में गहरी चोट आई। वहीं, अवर निरीक्षक रंजीत कुमार महतो, मो. इकबाल, हवलदार रोहित कुमार सिंह और पुलिस सहयोगी रूपेश महतो भी घायल हुए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, रामगढ़ ले जाया गया। पुलिस की ओर से हालात काबू में करने के दौरान कुछ ग्रामीणों के भी चोटिल होने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और उपद्रव में शामिल संदिग्धों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान मौके से डीजे साउंड सिस्टम, पांच मोटरसाइकिल और एक टेंपू जब्त किए गए।
रजरप्पा थाना में इस मामले को लेकर 43 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अक्षय कुमार सोनी, नारायण साव, विशाल वर्मा, सुजीत कुमार, संतोष कुमार, अजय कुमार, प्रीतम कुमार, उत्तम कुमार, पिंकू प्रसाद और हीरालाल मुंडा शामिल हैं।
थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने स्पष्ट कहा कि सुकरीगढ़ा में पुलिस पर हमला गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।