जमशेदपुर से अगवा किए गए कारोबारी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल मुक्त करा लिया है। जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें हजारीबाग से सटे बिहार बॉर्डर इलाके से बरामद किया, जहां अपहरणकर्ता उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की कोशिश में थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस वारदात के पीछे बिहार का एक संगठित किडनैपिंग गिरोह शामिल है। जांच में सामने आया है कि अपराधी कारोबारी को लगातार ठिकाने बदल-बदल कर रख रहे थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बचे रह सकें।
जमशेदपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हजारीबाग के चौपारण क्षेत्र के आसपास, बिहार सीमा की ओर से कैरव गांधी को फिर से शिफ्ट किया जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने कई टीमों का गठन कर एक साथ इलाके में छापेमारी की।
अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से घबराए अपहरणकर्ता कारोबारी को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कैरव गांधी को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उन्हें सकुशल जमशेदपुर स्थित उनके आवास तक पहुंचाया।
जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने पुष्टि करते हुए कहा कि कारोबारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इस किडनैपिंग में शामिल आपराधिक गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि इस ऑपरेशन के बाद अपहरण से जुड़े नेटवर्क को उजागर करने में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है।