UGC विवाद पर बोले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, कहा-संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का सम्मान जरूरी

UGC विवाद पर बोले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, कहा-संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का सम्मान जरूरी

UGC विवाद पर बोले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, कहा-संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का सम्मान जरूरी
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 30, 2026, 3:59:00 PM

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे शुक्रवार को देवघर पहुंचे, जहाँ एयरपोर्ट पर उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। सांसद ने मीडिया से बातचीत में झारखंड सरकार की वित्तीय स्थिति और यूजीसी से जुड़े विवाद पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की।

निशिकांत दुबे ने केंद्र पर झारखंड सरकार के बकाया राशि के आरोपों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय हालत इतनी कमजोर है कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का वेतन मिलने में भी दिक्कत हो सकती है। सांसद ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा रहा, तो “मंईयां सम्मान योजना” और अबुआ आवास योजना जैसे कार्यक्रमों में काम रुक जाना आश्चर्य की बात नहीं होगी। उन्होंने कहा, “झारखंड सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, पहले अपना खर्चा संभाले।”

सांसद ने राज्य सरकार की कुछ योजनाओं पर सीधे सवाल उठाए और कहा कि “मंईयां सम्मान योजना” के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार लगातार बकाया राशि की मांग कर रही है और आगामी बजट में इसे शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

यूजीसी विवाद पर सांसद की राय
यूजीसी मामले पर निशिकांत दुबे ने कहा कि यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और फिलहाल इस पर रोक लगी हुई है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का हवाला देते हुए कहा कि ये देश के पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सभी समाजों के हित में काम कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वर्ण समाज के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी इस नीति का प्रमाण है। निशिकांत दुबे ने यूजीसी मामले में विरोध करने वालों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की नीतियों पर विश्वास रखें, क्योंकि भाजपा का उद्देश्य हर तबके के विकास को सुनिश्चित करना है। सांसद ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के किसी भी निर्णय का पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 को समझना चाहिए।