प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य प्रोजेक्ट के तौर पर स्थापित एम्स देवघर एक बार फिर व्यवस्थागत लापरवाही को लेकर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला अस्पताल की कैंटीन से जुड़ा है, जहाँ भर्ती मरीज को दिए गए नाश्ते में कीड़ा मिलने का आरोप सामने आया है। घटना अब केवल अस्पताल प्रबंधन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सांसद और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुँच चुकी है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला एम्स देवघर के ऑर्थोपेडिक विभाग का है। बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित कुसुम जोरी गांव की निवासी 29 वर्षीय रिंकी कुमारी, सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 9 अगस्त 2025 से एम्स देवघर में भर्ती हैं। वह आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज करा रही हैं और पिछले 16 दिनों से आईपीडी वार्ड के बेड नंबर 16 पर भर्ती हैं। मरीज का उपचार ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. विकास राज की देखरेख में चल रहा है।
परिजनों का आरोप है कि गुरुवार, 22 जनवरी की सुबह अस्पताल की कैंटीन द्वारा उपलब्ध कराया गया नाश्ता; जिसमें सूजी, एक अंडा और करीब 100 ग्राम दूध शामिल था, स्वच्छता के मानकों पर पूरी तरह विफल रहा। भोजन में कीड़ा दिखाई देने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
मामले को गंभीर बताते हुए मरीज के पिता उमाकांत पोद्दार ने एम्स के सुपरिंटेंडेंट को लिखित शिकायत सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर कीड़ा लगे भोजन की तस्वीर साझा कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि उमाकांत पोद्दार स्वयं बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड में सक्रिय पत्रकार हैं। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ उनकी बेटी से जुड़ा नहीं है, बल्कि एम्स देवघर में इलाज करा रहे हर मरीज के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा का दावा करने वाले संस्थान में मरीजों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिलना उनका बुनियादी अधिकार है, जिससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।