देवघर-देवीपुर मुख्य मार्ग पर नावाडीह रेलवे फाटक के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोरखपुर से आसनसोल जा रही एक यात्री ट्रेन की भिड़ंत सड़क से गुजर रहे ट्रक से हो गई। टक्कर की आवाज और तेज झटके से आसपास मौजूद लोग सहम गए और कुछ देर के लिए इलाके में दहशत फैल गई। शुरुआती पलों में किसी बड़े रेल हादसे की आशंका भी जताई जाने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जसीडीह से आसनसोल की दिशा में बढ़ रही ट्रेन जैसे ही नावाडीह फाटक के पास पहुंची, उसी समय देवघर से देवीपुर जा रहा एक ट्रक खुले रेलवे क्रॉसिंग से पटरी पार करने लगा। बताया जा रहा है कि उस वक्त फाटक बंद नहीं था। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत गति कम की और इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन पूरी तरह रुकने से पहले ही ट्रेन का इंजन ट्रक से टकरा गया।
टक्कर के बाद ट्रक संतुलन खो बैठा और सड़क की ओर पलटते हुए दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। हालांकि, ट्रक की चपेट में आए दोनों बाइक सवार घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
दुर्घटना के चलते कुछ समय के लिए रेल और सड़क यातायात दोनों ठप हो गए। ट्रेन को घटनास्थल पर ही रोकना पड़ा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुट गए। रेलवे प्रशासन ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त ट्रक को पटरी से हटाने का काम शुरू कराया, ताकि यातायात जल्द बहाल किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार हालात अब नियंत्रण में हैं और परिचालन सामान्य करने की प्रक्रिया चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस घटना में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि फाटक खुले होने के बावजूद ट्रक को रेल लाइन पार करने दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। लोको पायलट की सतर्कता और समय पर ब्रेक लगाने से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, वरना जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।